शादी शुदा टाइट चूत की सील तोड़ी


शादी शुदा टाइट चूत की सील तोड़ी
शादी शुदा टाइट चूत की सील तोड़ी

ही, संजय,मेरी उम्र 40 साल है,एक इंजिनियर हूँ,मे आपको एक रियल स्टोरी बताने जा रहा हू ,मुझे विश्वास है की आप को जरुुर् पसंद आएगी आपका लंड एकद्ूम फुनफुंा जाएगा और आप मूठ मरने पर मज़बूर हो जाओगे और जिनकी छूट गरम है वो उंगली डाल के अपना पानी निकाल देगी.. ,बात उन दीनो की है जब में ब.स्क. फाइनल में था ,उस टीमें मेरी मॅतमॅटिक्स बहुत कमज़ोर थी और मेने अपने एक प्रोफेसर से मत स्की तूतिओं लगवाई थी.. मे तूतिओं जया करता था, मेद्स के प्रोफेसर बहुत अच्छी मेद्स पड़ते थे,वो घर पेर ही तूतिओं पड़ते थे,उनके साथ ग्घहर पेर उनकी बीवी सिर्फ़ थी. उसका नाम अंजलि था.. जितना प्यारा और मुलायम नाम था उतना ही कमसिन वो भी थी.. एक दूं गोरी और नरम बदन वाली. वो बहुत ही सेक्सी और मस्ट थी ,और उसके चूंचिया ,क्या कहना ,कोई भी उसको देख ले तो आउट ऑफ कंट्रोल हो जाए ऐसे ही एक दिन मेने उनको झाड़ू लगते देखा, वो नीचे झुकी हुई थी.. और उनकी मस्त चूंचियाँ साइड से दिख रही थी. उस दिन उनके चूंचिया क्या क्यमत लग रहे थे मेनरी निगाहे उन पेर से हट ही नही रही थी,अंजलि भी मुझे घूर्ने लगी, मेनरा लंड खड़ा हो गया.. उसे मे दबाने लगा..

मेनरा दिल करने लगा अभी पीछे से पकड़ के उन्हे छोड़ डालु.. और मे अपने लंड को दबाने लगा.. मेने मान ही मान छोड़ने का विचार बाँया,,, बस अब मेनरे दिमाग़ में एक ही बात थी …कैसे छोड़ू अंजलि को….., एक दिन मुझे किसी कम से आउट ऑफ सिटी जाना पड़ा मे दो दिन बाद में वापस आया ,तो मेनरी उन दीनो की क्लास और पढ़ाई रह गयी थी, मेने प्रोफेससिओर साहब से एक्सट्रा टीमें माँगा…सिर ने मूज़े ईव्निंग का टीमें दिया,,मे पहले दिन तो गया मगर जब दूसरे दिन गया तो सिर घर पर नही थे,अंजलि घर पेर ही थी ,,,मेने अंजलि से पूछ सिर कहा है,अंजलि ने खा ओ तो अपने दोस्त के पापा की डेत हो गयी है,उनके गॅव गये,,,मेने पूछा कब आएँगे,,,,, ,अंजलि ने खा वो कल आएँगे,,,,, ओक माँ…ई विल कम तोमार्रोव, अंजलि ने कहा संजय.. अच्छा हुआ तुम आ गये .. ज़रा मार्केट से मेरे लिए सब्ज़ी ले आओ ,,,मेने कहा ओक,,,,मे सब्ज़ी लेने गया और करीब 45 मिनिट में वापस आ गया,,,, अंजलि ने उस टाइम गाते पेर अंदर से कुण्डी लगा रखी थी मैने डोर बेल बजाई,,,,अंजलि नही ,आई मैने फिर से डोर बेल बजाया और इस बार अंजलि गाते खोलने के लिए आई .जैसे ही उसने गाते खोला ….उफ़फ्फ़…मुझ को एक दूं शॉक लगा.और मैने देखा की अंजलि…बात रूम से नहाती हुई एकद्ूम गीली बाहर आ गयी थी. उसने अपने बदन पेर अपनी चुननी लप्पेट रखी थी और नीचे सिर्फ़ टवल लप्पेट रखा था,,मेरा तो उसको देख कर लंड खड़ा हो गया…वो तो अब किसी तरह काबू मे नही रहा… उसके चुननी से गोरी गोरी चूंचियाँ और गुलाबी निपल सॉफ दिख रहे थे…. उउउफ़ क्या चूंचिया दिखा रही थी उसकी चुननी(दुपपता) मे से…उसके गुलाबी ताने हुए निपल सॉफ नज़र आ रहे थे.. मई उसकी तरफ देखने लगा.. उसने टवल के उपर से अपनी छूट पर हाथ फेरते हुए मुझसे कहा बैठो मे कपड़े पहने के आती हूँ,मैं अंदर आ गया और चेर पेर बैठ गया…और सोचने लगा की अंजलि को कैसे छोड़ू….इतने मे अंजलि आगयइ, मैने कहा मई “जाो मेडम” तो उसने खा चाय(टी) पी कर चले जाना…अंदर टीवी वेल रूम मे बैठ जाओ मैं चाय बनाकर लाती हू,,,,मई टीवी वेल रूम मे जाकर बैठ गया,,मैने टीवी ओं किया तो उस टाइम कोई चॅनेल नही आ रहा था,मैने अंजलि से कहा मेडम कोई चॅनेल नही ,आ रही ,तो अंजलि ने कहा सीडी पेर गाने लगा लो मैने जैसे ही सीडी चालू की तो … उसमें ब्फ(ब्लू फिल्म) चलने लगी,,,,मई एक दूं चावक गया……और एक दूं से मैने बंद कर दिया..अंजलि की आवाज़ आई क्या हुआ चालू नही हुवा क्या,मैने कहा कर रहा हूँ,,तो मई ब्फ ओं कर के बैठ गया…एक तो मई पहले से ही बेचैन था और उस पर ये फिल्म.. मेरा लंड पंत मे रहने से इनकार कर रहा था… मई उसे उपर से ही मसल रहा था..इतने मे अंजलि पीछे से चाय लेकर आ गयी और पीछे से ही वो फिल्म देखने लगी…और उसे मेरे पंत के उपर का टेंट भी सॉफ दिखाई दिया. मुझे मालूम नही पड़ा.. लेकिन वो सीडी देखते हुऊए मेरा लंड जिस अंदाज़ मे फुनफुंा गया..था मेरे सामने अंजलि की छूट और उसकी चूंचियाँ घूम रही थी.. अब मैने सोच लिया था बस आज तो अंजलि को छोड़ना ही है……मैं अपने आप से ही बड़बड़ाते हुए कहा अंजलि आज तुम्हारी छूट मे ये लंड घुसेगा… ये उसने सुन लिया था.. मई अपने लंड को मसालने लगा….मेरा लंड जबार्दुस्त खड़ा हो गया…और किसी तरह अंदर नही रह पा रहा था. तभी अंजलि ने पीछे से आवाज़ दी “संजय ये क्या कर रहे हो.” पहले तो मे सकपका गया और कहने लगा …”नही मेडम मई.. मई..” मेरे मुँह से आवाज़ नही निकल रही थी.. फिर भी मैने कहा मेडम .. वो.. वो सीडी तो पहले से लगी हुई थी..मैने डरते हुए कहा.. वो सामने आ गयी और कहने लगी “क्या ये तेरे सिर भी ना सी द नहिी निकल कर गये…. मुझे अंजलि की आँखो से लगा की वो भी तोड़ा नाटक कर रही है और आज छुड़ाने के मूड मे है…उसने मुहज़से कहा ये ले चाय पे लो.. मैने कप लिया वो मेरे सामने सोफे पर बैठी और पुंचा “पहले तुमने ऐसी फिल्म देखी…?”मेने कहा,,नही.. , अभी तक टीवी पर वो सीडी चल रही थी.और अंजलि भी उसे देखने लगी. मेरा लंड अब आउट ऑफ कंट्रोल हो गया . मैने उसकी तरफ देखा.. वो भी मेरे लंड को देख रही थी.. मैने मेरे पंत के उपर से लंड को दबाया और मैने उसे ज़ोर से पकड़ लिया ,उसने ने कहा” ये क्या कर रहे हो,,मैने कहा मेडम मुझे नही मालूम..कंट्रोल नही हो रहा,,, अंजलि ने कहा ज़रा मुझे तो दिखाओ तुम्हारा वो कैसा है,..मैने कहा मुझे शर्म आती है.. उसने कहा यहाँ और कौन है देखने वाला.. मई भी तो तुम्हारे सामने नहाते हुए आ गयी थी..मैने सोचा यही मौका है और फिर मैने अपनी पंत निकल दिया .. और अंडरवेर भी निकल कर मेरे 7.5 इंच लंबे और 2 इंचे मोटे लंड को बाहर निकाला… अंजलि की तो आँखे फट गयी.. उसे जैसे बिजली का शॉक लगा हो.. और बोली बाप रे..इतना लम्बासस्सस्स और इतना मोटा .. मैने इतना बड़ा कभी नही देखा..” मैने कहा ” क्यू सिर का भी तो ऐसा ही होगा”.. अरे नहिी…तुम्हारे सिर का तो इसका आधा है और एकद्ूम ढीला.. ये कितना मोटा और कड़क है.. और वो उठ कर मेरे पास आ गयी और उसने मेरे लंड को हाथ लगाया.. उसका हाथ लगते है लंड और ज़ोर से उछाला.. “वा रे आज तो मज़ा आजाएगा…” कहते हुए मेरे उछलते हुए लंड को अपने हाथ मे लिया और हिलने लगी.. मेरा तो खुशी से बुरा हाल था..आज तो मेरा सपना पूरा हो रहा था अंजलि को छोड़ने का….अब वो मेरे लंड को कुछ देर सहलाती रही फिर नीचे बैठ गयी और लंड को चूमते हुए..मुँह मे ले कर चूसने लगी. मेरा लंड उसके मुँह में पूरी तरह पूरा नही जा रहा था…ये मेरा पहला मौका था और मे काफ़ी गरम हो चक्का था.. उसकी इस हरकत से 5 मिनूट मे मेरा पानी उसके मुँह मे निकल गया.. अंजलि ने कहा ये क्या हुआ इँटना जल्दी,,,कहताम हो गया.मैने कहा ऐसी बात नही पहली बार किसी ने मेरा लंड चूसा… और वो फिल्म देखते हुए .. और आपको आधी नंगी देख कर मई पहले ही बहुत हॉट हो गया था… इसलिए जल्दी हो गया.” मेरा लंड झदाने के बाद भी ढीला नही हुआ था.. ये देख कर वॉक हश हो गयी.. उसके मुँह और गालो पर मेरा लावा लगा हुआ था इसके लिए वो और भी सेक्सी लग रही थी.. ये देख कर मेरा लंड 5 मिनिट मे ही फिर से कड़क होने लगा. अंजलि ने मुस्कुराते हुए पुंचा “कैसा लग रहा” मैने कहा “मज़ा आ रहा है मेडम, उसने मेरी तरफ देखते हुए पुंच्छा.. “और मज़ा चाहिए” मैने कहा…हााआआं “तो चलो बेड रूम मे” ,मई बेड रूम मे जाने के पहले उसे ज़ोर से अपने पास खींचा और उसके होंठो को किस करने लगा.. अब मैने उसकी भारी हुई चूंचियों को भी हाथ लगाया.. और उसे अपने से चिपका के उसके बेड रूम मे ले गया.. इसके साथ ही अंजलि ने मुझे अपने दोनो हाथो मे जाकड़ लिया ,मैने भी उसको कस के पकड़ लिया और ज़ोर -ज़ोर्से किस करने लगा..और हम बेड पेर लेट गये..मैने अपना हाथ उसके गोल गोल और कसे हुए चूंचिया पेर गुमाया,,और ज़ोर से दबाने लगा..उसके के मूह से ऊओह .. संजू..और ज़ोर से दबाआ.. तुम्हारे सिर के हाथ मे तो ताक़त ही नही है..मैने जल्दी से उसके ब्लाउस के बटन खोल डाले और उसके काले ब्रा के उपर से ही चूंचियों को किस करने लगा.. ब्रा के उपर से हीप्प्ले को मुँह मे लिया और चूसने लगा.. उसकी ब्रा मेरे थूक से गीली हो गयी थी.. सारी भी आधी खुल गयी थी..वो सिसकारी ले रही थी.. श.. उउउफ़फ्फ़.. ओह माआ…की आवाज़ आई..मैने धीरे धीरे अपना एक हाथ सारी और पेटीकोत के उपर से उसकी गतीली जाँघो पर लगाया उर औस्की छूट तक पाकुहया .. जैसे ही मेरे हाथ ने उसकी फूली हुई गड्राई छूट को टच किया..वो एक दूं उछाल गयी,,अब उसने अपनी सारी निकाल दी.. और मैने पेटीकोत को खोल दिया और उसके पेट को सहलाते हुए उसके गोल और कड़क चूतड़ दबाते हुए पेटीकोत तो नीचे खिसकाया और फिर उसने पैर झटकते हुए उसे निकाल दिया उसने ब्लॅक ब्रा पहन रखी थी ,ब्रा के अंदर उसके दूधिया स्तंबाहुत ही उत्तेजक लग रहे थे..इस हालत मे उसे देख कर आप भी आउट ऑफ कंट्रोल हो जाते.अब उसने.. उसके चिकनी चिकनी जाँघो की बीच सिर्फ़ स्काइ ब्लू कलर की पनटी नज़र आ रही थी…वो भी जैल दार थी.. उसकी छूट एक दरार जैसी थी और पनटी उसमे धँसी हुई थी. ये देख कर डुब्रा लंड एक दूं कड़क हो गया..मैने उसे अपने पास खींचा तो मेरा लंड सीधे उसके पनटी के उंड़र छूट को पनटी के उपर से ही सलामी थोक रहा था.. मैं अब उसे पागलो की तरह किस करने लगा,अप्पर से निहे. तक मैने बहुत किस लिया…गीली जीभ की नोंक से उसके चिकने पेट को चटा..अब मैने पीठ के पीछे हाथ ले जा कर उसकी ब्रा का हुक खोल दिया.. और उसकी चूंचिया उछाल कर बाहर आ गयी..उसके कसे कसाए चूंचिया इतने कयामत ढा रहे थे की मई अपने पर काबू नही रख पाया और मैने दोनो चूंचियों को ज़ोर ज़ोर जे अपने दोनो हाथो से पकड़ा और पूरी ताक़त से दबाने लगा और साथ ही एके क निपल को चूसने लगा…मई इस तरह सक कर रहा था की मानो मई पका हुआ आम (माँगो) खा रहा हूँ वो अब आउट ऑफ कंट्रोल होती जर ही थी..और ज़ोर से आहे बार ने लगी……हाअ हा हाआहा संजय आज मुझे को जबरदस्त छोड़ो तेरे सिर भी इतने अच्छे तरह से नही करते जैसे तुम कर रहे हो..अब मैने धीरे से उसकी की पनटी मे उसके चूतड़ की तरफ से हाथ डाल के गांद से नीचे खिसकाया और उसकी गांद को सहलाते हुए उसके पेट को चूमने लगा और पनटी भी नीचे खिसकने लगा…उउफफफ्फ़ क्या नज़ारा था उसने सयद आज ही सेविंग बनाई होगी.. इसका मतलब वो खुद भी मुझसे छुड़वाना चाहती है.. उसकी गोरी छूट पर एक भी बाल नही था.. मैने एक हाथ से छूट के मुहाने पर हाथ लगाया तो अंजलि सिसक उठी.. और उसकी छूट.. पूरी गीली हो चुकी थी..

उसकी छूट से लसलसा पानी बाहर बहाने लगा था… छूट फाड़फाद करने लगी..और मैने सहलाते हुए अपनी उंगली अंजलि की च्छू मे आहिस्ता से डाली तो..अंजलि उछाल गयी और चिल्लाने लगी,ऊऊऊऊओ संजूऊऊ.. अब मैने अंजलि की छूट पर झुकते हुए उसके दाने को सहलाया वो भी कड़क होहे लगा.. मैने उसके गुलाबी छूट के दरार को फैलाया और मेरी गरम जीभ से हल्के से चटा.. अंजलि तड़प उठी और अपने पैर सिकोड़ने लगी.. मैने उसके पैरों को फैलाया और छूट को चाटने लगा…और अपने दोनो हाथो से उपर चूंचिया दबा रहा था…अब अंजलि जबरदस्त सिसकिया ले रहे थे…जैसे ही मई ज़ोर से चाटने लगा जीभ को और अंदर दल कर घूमने लगा..उसकी आवाज़ आई….हीईीईईईई… ..संजय ऊऊऊऊओह. . क्या कर रहे हो.. मुम्मय्यययययययययययययी यययययययययययययी और खहानी लदी चतो आज तो जितना छत सकते…मेरी छूट का पूरा पानी पी जाओ..आहह.. अब अंजलि पूरी तरह गरम हो चुकी थी……छूट से पानी ऐसे बह रहा था जैसे की कोई छोटा नाला हो..और उसने मुझे ज़ोर से सिर पकड़ के छूट पर दबाया और उसकी छूट से पिचकारी जैसा पानी निकला.. मेरा पूरा चेहरा गीला कर दिया.. मैने जीभ निकल के अपने होंठ छाते..उसकी आँखे गुलाबी हो गयी थी..उसने थोड़ी देर के बाद कहा..संजू अब अपना ये मोटा लंड मेरी छूट मे डालो जल्दी से…मई उसके जाँघो कम आया और अंजलि की दोनो टॅंगो को उठया और उसके गांद के नीचे एक तकिया लगा दिया चोट उपर उठ गयी और उसका गुलाबी दरार तोड़ा फैल गया.. उसे मैने अपने लंड के करीब लाया ..अब मैने अंजलि की छूट पेर थूक लगे और मेरे लंड पर भी …मैने अपने लंड का मोटा सूपड़ा अंजलि की छूट के मूह पे रखा और ढेरे से धक्का मारा मेरा लंड का सूपड़ा ही अंडर गया था की अंजलि ज़ोर से चीलाई.ऊऊऊऊऊ ऊऊऊऊऊऊऊऊ ऊऊओ हह हह हाहहहहहहहहह ऊऊऊऊऊ मारी संजय …मार गाइिईईईई.. कितना मोटा है.. बहुत दर्द हो रहा हाीइ ऊऊऊऊऊऊऊओ उूुुुुुुुुुऊउक्ककककक ककककचह आआआ मुम्मय्ययययययी संजय धीरे डालो अपना ये मूसल …अंजलि की छूट मे पूरा डाल दो आज तो बहुत मज़ा आ रहा …मैने हल्के से दूसरा धक्का मारा…लेकिन मेरा लंड उसके उंड़रनही जा रहा था ..उसकी छूट छ्होटी और बहुत टाइट थी…अंजलि कहने लगी क्या क्या हुआ.. मुझे बहुत पाईं हो रहा है.. मैने कहा “मेडम ये अंदर नही जेया रहा…आपकी छूट बहुत टाइट है..” तब अंजलि ने कहा उस टेबल पर तुम्हारे सिर की क्रीम रखी है वो ले आओ मैने लंड को निकाला और क्रीम ले कर आया.. मैने उसकी छूट मे अच्छे से क्रीम लगाई और उसने मेरे लंड को पूरा क्रीम से चिकना कर दिया ..और मैने अंजलि की छूट पेर भी लगाया,,,अंदर तक लगाया उंगली घुसेड कर.. अंजलि अब कहने लगी चलो अब अपना सांड जैसा लंड अपनी अंजलि के छूट के अंदर डालो औ राइज़ फाड़ के चौड़ा कर दो…. मेने अपने लंड का सूपड़ा वापस अंजलि की छूट से सताया और धक्का लगाया……अब मेरा लंड आधा ही गया था पूरा घुसने की कोशिस कर रहा था…अंजलि अब उठ उठ कर पड़नी लगी.ऊऊऊऊऊऊऊ ऊ …मी गोद …..ऑश मी गोद…मई .मारी…… ऊऊहह हह मैं एक दूं रुक गया…क्यूकी अब लंड अंदर नही जर आहा था.. फिर मैने लंड को तोड़ा बाहर निकल के ज़ोर का ढाका मारा अंजलि की छूट फट गयी मानो..ज़ोर से रोने लगी … उसकी छूट ने खून निकाल दिया.. वो चिल्लाई…ओह नो संजय धीरे ………मुझे ताज़्ज़ूब हुआ की चूड़ी हुई छूट से खून कैसे निकला.. वो शांत हो गयी थी.. उसकी आँखों से आँसू निकल रहे थे..ओ एक दूं रुक गयी…..मई भी तोड़ा रुका………..अब मई अंजलि के मूह में मूह दल कर किस करने लगा..और अपने हिप्स को अप्पर नीचे किया हल्का सा…ऐसा करने से अंजलि को मज़ा आ रहा था अब …मैने भी अब पूरे जोश मे था …..एकद्ूम मैने ज़ोर से धका लगाया और मेरा पूरा लंड ज़द तक उसकी छूट मे घुसेड दिया…अब मेरा फंफनता पूरा लंड अंजलि की छूट को फड़ता हुआ घुस गया……..अब अंजलि की सांस अटकाने लगी और आँखो से आनसो आ गयैीईईई …..ऊ ऊऊऊऊऊओउुुुुउउ उूुुुुउउ उूुुुुउउ उूुुुुुुुुुुुुुुुउउ ओ ओह ओहोूओूवह हह हह म मई 1 मिनूट तक अंजलि के अप्पर पड़ा रहा अब अंजलि ने मेरे हिप्स को अपनी तरफ खिच लिया और धीरे धीरे उपर नीचे करने लगी अंजलि को मज़ा आने लगा,,अब मैने अपने छोड़ने की स्पीईएड बड़ा दी ….मेरे धक्के कभी जोरदार होते तो कभी मई हल्के से लंड को बाहर निकल के फिर धीरे से अंदर डालता…. ऐसा करते हुए अंजलि करीब 4-5 बार झड़ी… मई स्क बार उसके मुँह मे झाड़ चक्का था इसलिए मेरा अभी तक पानी नही निकला था..करीब 30 मिनूट बाद अंजलि ने मूज़े ज़ोर से कीच लिया और कस के पकड़ लिया ओह हाआआआआआअ आआआआहहा और इस बार वो बहुत जबरदस्त झड़ी.. उसके पानी से छूट से फॅक फ़हच.. फ़चाककक .. की आवाज़ आने लगी.. नीचे बेडशीट खून और उसके पानी से गीली हो गयी थी.. इस बार झाड़ते ही वो ढेर हो गयी….. उसका पानी निकल गया,,,,मेरा लंड अब और गरम हो गया……उसके चिकने चिकने पानी से अब मेरा भी निकालने वाला था मैने अपना लंड अंजलि की छूट से निकाला…तो अंजलि ने कहा क्यो निकल रहे बाहर.. मैने कहा मेरा निकालने वाला है.. तो उसने कहा. अंदर ही दल दो.कोई प्राब्लम नही,,है,,संजय, ,,,,.मैने अपने लंड को वापस अंजलिया की छूट मे जड़ तक घुसेड दिया..5-6 बार लंड को जड़ तक खींच खींच के जबरदस्त धक्के लगाए और मेरा पानी अंजलि के अंदर ही पिचकारी की शकल मे छ्चोड़ दिया…उसकी छूट भर गयी..मई अब अंजलि के अप्पर 10 मिनूट तक पड़ा रहा और किस करता रहा…अब मैने अपने लंड को निकाला …और और अंजलि के मुँह मे दल दिया अंजलि ने अकचे से उसे चाट के साफ किया…. और अंजलि ने कहा आज तो तुमने अपनी अंजलि को जबरदस्त छोड़ के उसली सील तोड़ दी..” मई हैरान रह गया ये सुन कर .. मैने पुंचा.. इतने दिन से आप कुँवारी थी?” उसने कहा सच बात तो ये है की तुम्हारे सिर का लंड खड़ा ही नही होता.. और तोड़ा खड़ा हुआ तो छूट मे घुसने के पहले ही सब निकल जाता है… इसीलिए राजा मई तुमसे छुड़वाना चाहती थी. समझे..” मैने सिर हिलाया.. …मैने कहा जब भी तुम्हें छुड़वाना हो तब मुझे बता देना…इसके बाद अंजलि किओ मैने उसके प्रेग्नेंट होने तक छोड़ा … अंजलि के दोनो बेटे मेरे ही है.. ऐसा अंजलि कहती है… हमारा चुदाई का ये खेल अब भी चल रहा है.. लेकिन अंजलि ने कहा है की किसी को मत बताबना . जिस किसी को छुड़ाना हो तो मुझे मैल करे. अब मई मेच्यूर हो गया हूँ और कमसिन को कैसे छोड़ना है और भाभी को कैसे मुझे पता है… ये कोई कहानी की बात नही आप आजमा के देख सकती हैं.

One Comment

  1. deepika.cot.in May 15, 2016 Reply

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